BEST TOURIST PLACES TO VISIT IN MP|PICNIC PLACES OF MP 2021- NEW UPDATE

 Madhya Pradesh [मध्यप्रदेश]

मध्यप्रदेश मात्र एक ऐसा state है। जो india के मध्य में स्थित है।आपको मध्यप्रदेश के visiting place के बारे में जरूर जानना चाहिए।

corona virus pandemic k chlte agr ap boring feel kr rhe h to ap ek accha sa tourist trip plan kr skte h . मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल है। पहले मध्यप्रदेश एक बहुत बड़ा state हुआ करता था।

 लेकिन year 2000 में chhatisgarh को MP से अलग कर एक New state बनाया गया। लेकिन MP tourist or picnic के लिहाज से अभी भी खूबसूरत place है। 
 
यहां के पर्वत , पहाड़, मंदिर , नदी…………..it’s beatiful …….चलिए तो आज हम आपको MP के कुछ ऐसे ही Tourist places के बारे में बताते है। 
 

1. अमरकंटक [ Amarkantak]

Amarkantak हिन्दुओं का एक पवित्र visiting place माना जाता है।  Amarkantak से नर्मदा , सोन और जोहिला नदी की उत्पत्ति हुई है। यह मध्यप्रदेश के अनुपपूर जिले में आता है। यहां भारत के विंध्य और सतपुड़ा पहाड़ो का मेल हुआ है। इसकी ऊंचाई समुद्र से लगभग 1065 मीटर है।
 
Amarkantak में जब नर्मदा और सोन नदी महुआ और टीक के पेड़ो की बीच से होकर गुजरती है तो एक ख़ूबसूरत द्र्श्य देखने को मिलता है। 
 
यह place प्रकति और धार्मिक दोनों के लिए अच्छा है। एक प्रकार से आप कह सकते है की यहां प्रकति और धार्मिक निति का अनूठा संगम मिलता है। 
 
यंहा ऐसा बताया जाता है की नर्मदा नदी पहले बांस के एक झुण्ड में से निकलती थी। इसके बाद रेवा नायक द्वारा इसे हटाकर एक कुंड और मंदिर का निर्माण करवाया गया।  कुछ लोग ऐसा भी कहते है की यंहा नर्मदा शिव के जटाओं से निकलती है इसलिए यंहा शिव को जटा शंकर के नाम से भी जाना जाता है। 
 
Amarkantak में एक दूध धारा नाम से  झरना भी है , jo dekhn me bhut hi beatiful lgta h , darsal yha kafi uchaie se pani girta h jo ek white color k combination bnta h , isliye ise dhoodh dhara khte h .
 

2. ओरछा [orchha ]

 
Orchha मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के अंतगर्त आता है। orchha ki sthpna Rudra pratap singh k duwra year 1501 me ki gyi thi bad me iski history m kuch bdlab hue .
 
बेतवा नदी के किनारे एक seasonal island पर,  एक विशाल किला bna hua h , jiske as apas ek majboot diwar h  है। किले में अलग-अलग समय में कई भवन  banaye gye हैं, जिनमें से सबसे उल्लेखनीय महल राजा महल है।
ओरछा में चतुर्भुज मंदिर, 344 फीट पर खड़े हिंदू मंदिरों में  से सबसे ऊंची DOME  में से एक है।
राम राजा मंदिर एक square base  पर बनाया गया है और iske bhari hisse me khidkiyany or dome ko tarsya gya h jo dekhne m kafi rochak lgta h. 
 
जहाँगीर महल एक आयताकार आधार पर बनाया गया है और गुंबद के ऊपर बने प्रत्येक कोने  गोलाकार टॉवर से  gheere hue  है, जबकि कोष्ठक पर समर्थित सुशोभित बालकनियों की दो लाइनें केंद्रीय भंडार को चिह्नित करती हैं। 
 
छत को आठ बड़े सगुंबदों द्वारा ताज पहनाया गया है और  उनके बीच छोटे गुंबदों के साथ, एक सजावटी बस्ट्रेड  जुड़ा हुआ है। 
 
जहाँगीर महल को मुगल वास्तुकला का एक वसुंदर नमूना माना जाता है। yhann dhyan dene vali vat yh h ki jahangir ki maa bhi ek rajpoot hua krti thi jinka name jodha th 
 
यह इस बात के साथ है कि ओरछा के राजपूत राजा ने जहाँगीर महल का निर्माण कराया था। जहाँगीर महल में शाम के घंटों में एक शानदार लाइट और साउंड शो होता है। यह शो ओरछा शहर और जहाँगीर महल के इतिहास को प्रदर्शित करता है। 


3. मांडू [ Mandu]

मांडू या मांडवगढ़ धार जिले के वर्तमान मांडव क्षेत्र में एक प्राचीन शहर है। यह धार शहर से 35 किमी की दूरी पर भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित है। 
 
11 वीं शताब्दी में, मांडू तारागढ़ या तरंगा साम्राज्य का उप प्रभाग था।  इंदौर से लगभग 100 किमी (62 मील) दूर एक चट्टानी पर यह किला शहर अपनी वास्तुकला के लिए mana  जाता है।
 

4.Rani roopmati 

एक बड़े बलुआ पत्थर की संरचना, जिसे मूल रूप से एक सेना अवलोकन पोस्ट के रूप में बनाया गया था, आज इसे रूपमती के मंडप के रूप में जाना जाता है। रानी रूपमती – बाज बहादुर की premiaka यहाँ रहती थी और कहा जाता है कि बाज बहादुर के महल में ghumte थे – नीचे स्थित और नर्मदा नदी में भी,  मैदानों के नीचे से बहती हुई, एक नदी जो रानी ke liy pooja k saman thi  थी।

5.Reeva kund

 
reeva kund – ek jalaashay jo roopamatee ke mandap mein paanee kee poorti karata hai.raanee roopamatee ke mandap mein paanee kee poorti ke uddeshy se baaj bahaadur dvaara nirmit ek jalaashay h
 
jalaashay mandap ke neeche sthit hai aur isalie ise ek vaastushilp chamatkaar maana jaata hai.


6. साँची [sanchi ]

 
साँची एक रायसेन जिले में छोटा -सा गांव है। जो की मध्यप्रदेश के अंतर्ग्रत आता है। yh vidisa k sameep hone k krn logo ko yh doubt ho jata h ki yh vidisa district ke andr ata h lekin aesa n h.
 
 विदिशा से इसकी दूरी लगभग 10 km है  और भोपाल से यह 46 km door उत्तर -पूर्व में स्थित है।यहाँ हवाई , रेल , और वाहन तीनो प्रकार से पंहुचा जा सकता है. अगर  आप वाहन से है तो direct bhopal bustand से  साँची के लिए रवाना हो सकते है। 
 
sanchi me apko bodhh dharm ki pratikla dekhne ko milegi .aesa kha jata h ki sanchi ka nirman Ashoka duara kiya gya th ek prakar s ap yh kh skte h ki yh ashok duara liya gya sanyash ka pratik h .
 
वैसे अगर आप tourist और picnic के वारे में सोच रहे है तो यह place आपके लिए खुशनुमा साबित हो सकता है। 
 


7.रायसेन का किला [ Raisen Fort ]

 
रायसेन का किला मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में आता है। यह दिखने में तो आम किला लगता है। लेकिन अगर  आप इसे पास जाकर देखंगे तो उतना ही खूबसूरत है। अक्सर यह किला ट्रैवलर्स को लुभाता है। 
 
चलिए इस किले के बारे में कुछ रोचक बातें जानते है.कहते है इस किले के राजा ने  खुद अपनी रानी का गला काट दिया था। किसी बदले की भावना से नहीं बल्कि रानी की की सुरक्षा के लिए। 
 
यह उस समय  की बात है जब पूरनमल इस किले के राजा हुआ करते थे। कहते है शेरशाह शूरी ने अपना
अधिकार ज़माने के लिए इस किले पर आक्रमण किया और आखिर में ताँबे के सिक्को को गलाकर तोप बनाई। 
 
जिससे शेरशाह शूरी इस किले को जीत पाया और आखिरी में इस किले के राजा ने अपनी रानी की हत्या कर दी। ताकि वह दुश्मनो के हाथ न लग सके। 


8. पातालपानी [ Patal Pani waterfalls  ]

 
पातालपानी झरना इंदौर जिले के महू नगर में आता है। इंदौर एक बड़ा शहर है अगर हम इसकी बात करे तो  यह पहला शहर  है जँहा IIM or IIT है।  कहते है इंदौर बाजार के हिसाब से भी अच्छा शहर माना जाता है। 
यहां पातालपानी के आलावा भी कुछ ऐसे शहर है जंहा आप visit कर सकते है। 
 
वैसे अगर आप पातालपानी घूमने का विचार कर रहे है तो आप तीनो प्रकार से यहाँ पहुंच सकते है। पातालपानी की ऊंचाई लगभग 300 मीटर है।  ऐसा कहा जाता है इस झरने से जो पानी गिरता है वह पाताल तक जाता है। इसलिए इसे पातालपानी के नाम से भी जाना जाता है।  
 
पातालपानी में जो कुंड है उसकी गहराइए अभी तक मापी नहीं गई है। यहां घूमने का सही समय मानसून होता है। आप मानसून में यहाँ जरूर visit करने आए। क्यूंकि गर्मियों में इसका बहता पानी  सूख जाता है। लेकिन एक बात का ध्यान रहे पातालपानी waterfalls एक खतरनाक जगह है यहाँ थोड़ी -सी लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है। 

9.  मोहड़ी  झरना [ Mohadi falls]

अगर आप एक nature lover है और आपको nature से जुडी हुई जगह पर  visit करना पसंद है तो मोहड़ी झरने से अच्छी जगह आपके लिए हो ही नहीं सकती। 
 
यहां प्रकति का अच्छा संगम देखने को मिलता मिलता है। यह झरना इंदौर से लगभग 30  km दूरी पर स्थित है।  
 
 
आप यंहा picnic के लिए भी आ सकते है।  यदि आप एक कोचिंग टीचर या फिर किसी ऑफिस के head है तो आप अपनी टीम को यंहा picnic टूर पर ला सकते है। यह फोटो शूट करने के लिए भी बहुत अच्छा place है। 
 
 

10.मैहर [Maihar]

Maihar madhya pradesh k stna jile m h . yha maa shrda ka madir h . Darsal yh jameen se lagbhag 600 km uppr h or jaise hi ap madir k pas pahuchenge to apko vhi se allah-  udal ka place dikhaie dega .
 
अगर आपने अल्लाह पड़ी है या सुनी है तो आपको पता चलेगा की उसमे जिस माता की चर्चा  की गयी है वह यही है। 
 
कभी अपने सोचा है इस जगह का नाम मैहर कैसे पड़ा। दरअसल कहानी कुछ यूँ है की माता पार्वती अपने पति के मना करने के बाद भी उनके पिता द्वारा करवाए जा रहे यज्ञ में चली गयी थी। जंहा उन्होंने खुद को अगनी को समर्पित कर दिया था। 
 
यह देखकर भगवान शंकर क्रोधित हो उठे और जव वह माता पार्वती के शरीर को लेकर जाने लगे तो माता पार्वती का इस जगह पर मंगलसूत्र गिर गया था। तभी से इसका नाम मैहर पड़ा मतलब [ मैहर= माई का हार ] 
 
जबलपुर स्टेशन से इसकी दूरी लगभग 162 km है। तो यदि आप धार्मिक स्थल से जुड़े है और अल्लाह-उदल की कहानी को तारो -ताजा करना चाहते है तो आप यंहा visit कर सकते है। 
 

11. भीम बैठिका [ Bheem baithika ]

भीम बैठिका मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में आता है। आप थोड़ा – सा google करेंगे तो आप को इसके बारे में सारी detail मिल जयगी। वैसे चलिए हम इसके बारे में कुछ बात करते है। ऐसा कहा जाता है की इन गुफाओ में महाभारत के समय जब भीम और उनके भाईयों को जंगल वनवास हुआ था तब भीम यहां बैठा करते थे। 
 
 
अगर आप यंहा आते है तो आपको पुरापाषाण का द्र्श्य यंहा देखने को मिलेगा। दीवालों पर पुराने ज़माने के चित्र मिलेंगे। यंहा आपको History से जुडी हुई काफी चीज़े मिलेगी और अगर आप पहाड़ पर्वत के बीच जा रहे है तो nature से तो आपका दोस्ताना हो ही जएगा। 


 12. महेश्वर [ Maheshwar]

 
महेश्वर मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में आता है।  यंहा बहुत पुराना मंदिर और महल है। अगर आप इसके इतिहास की बात करे तो मध्यप्रदेश की स्थापना हैहयवंश के राजा सास्त्रार्जुन ने की  थी।  ऐसा कहा जाता है इनकी 500 रानियाँ थी। 
 
एक बार जब यह नर्मदा नदी में नहा रहे थे तो इन्होने नहाने की लिए अपनी एक हजार भुजाओ से नर्मदा नदी का पानी रोक दिया था। तभी वंहा से रावण गुजर रहा था। रावण ने सोचा की नदी सूख गयी है और वंहा रुककर रावण पूजा करने लगा। तभी राजा सास्त्रार्जुन ने अपनी भुजाएँ खोल दी और रावण पानी में बहने लगा। फिर राजा और रावण की लड़ाई हुई जिसमे राजा की जीत हुई। 
 
तो काफी रोचक कहानी है इस जगह की आपको अवश्य visit करना चाहिए। 
 

13. लक्मण मंदिर [ laxman temple]

 
थोड़ा अजीब सा लगता है ना सुनने में लक्मण मंदिर , हां जी हम बात कर रह है लक्मण मंदिर की वैसे यह मंदिर खजुराहो में है। यंहा विष्णु भगवान के सम्मान में यह मंदिर बनबाया गया था। 
 
लक्समन मंदिर 2 -3 जगह है। 
लेकिन हम बात कर रहे है , खजुराहो के मंदिर की , यह मंदिर चंदेल वंश के द्वारा बनाया गया था। अगर आप विजिट करने की प्लानिंग कर रहे है तो हम आपसे कहेंगे आपको खजुराहो में और प्लेस पर विजिट कर सकते है। 
 

14 .  चंदेरी [ chanderi ]

चंदेरी visit or picnic करने के लिहाज से एक अच्छी जगह है। यंहा पर एक ऐतिहासिक महल है। जैसे की आप pic में देख सकते है। यंहा मानसून में visit krna वेहद खूबसूरत होता है। 
 
चलिए अब बात करते है चंदेरी के इतिहास की चंदेरी मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में आता है। यह अशोकनगर से लगभग 55 km दूर है। इसके पास से ही बेतबा नदी बहती है और यह पहाड़ियों से घिरा हुआ है। वैसे दोस्तों हम इसके इतिहास की बात करे तो काफी लम्बा इतिहास रहा है इसका। 
 
कुछ चर्चा इसमें राजपूताने की मिलती है तो कुछ चर्चा इसमें अकबर के समय की मिलती है। 
 

13.  चोरला डैम [ chorla dam ]

इसे चोरल महू के नाम से भी जाना जाता है। यह picnic place मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में आता है। यह काफी बड़ा डैम है। यंहा picnic के लिए अच्छी व्यवस्था की गयी है। यह जंगल में छुपे हुए रत्न के समान है। यंहा हरे -भरे पेड़ और हरियाली रहती है। इस जगह पर visit करने का सही समय जुलाई से सितम्बर है। 
 
 
अगर आप इंदौर सिटी में है तो आपको इस place पर जरूर visit करना चाहिए और आप इसे यदग्गार बना सकते है। 
 

15. pench national park [ पेंच नेशनल पार्क ] 

पेंच नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में  आता है। वैसे तो यह MP के कई जिलों में बटा हुआ है। यह छिंदवाड़ा से लेकर महाराष्ट्र तक टच होता है। 
 
ऐसा कहा जाता है की THE JUNGLE BOOk ka is jgh se sambandh h .मोगली वाली कहानी यही से जुडी हुई है। इस नेशनल पार्क को पेंच नदी दो भागो में बांटती है। इसलिए इसे पेंच नेशनल पार्क कहते है। इसका क्षेत्रफल लगभग 292. 93 वर्ग किलोमीटर है।  यहाँ विदेशी पक्षी ज़्यदा आते है। 
 

16.  हनुवंतिया [ Hanuwantiya ]

 
Hanuwantiay madhyapradesh ke khndwa jile ke antrgrat ata h .दअरसल यह एक पर्यटन प्लेस है। जो निगम द्वारा बनाया गया है , यहाँ डेम बनाया गया था. लेकिन इस गांव की खूबसूरती को देखकर निगम ने यहाँ पर्यटन प्लेस बनाने का फैसला लिया। खंडवा से इसकी दूरी 50 km है। 
 
यहाँ मार्च के बाद visiting time अच्छा होता है। आप boating का भी यहाँ लुप्त उठा सकते है। 
 

 

17 . भोपाल {मध्य प्रदेश की राजधानी }

 

 

अगर आप मध्यप्रदेश में घूमने के लिए अच्छी जगह ढूंढ रहे हैं| तो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है | भोपाल दो सुंदर मानव निर्मित झीलों के बीच में स्थित है | भोपाल में घूमने के लिए बड़ा तालाब, हनुमान टेकरी ,वन विहार नेशनल पार्क ,मोती मस्जिद, भोजपुर मंदिर ,कंकाली मंदिर ,और भी बहुत सारी सुंदर और अच्छी जगह हैं जो आपको बहुत ज्यादा पसंद आएगी | 

 

18 . होशंगाबाद 

मध्यप्रदेश में होशंगाबाद जिला घूमने के लिए एक बहुत अच्छी जगह है | होशंगाबाद नर्मदा नदी के किनारे पर स्थित है | और होशंगाबाद में बहुत सारे tourist places  घूमने के लिए है | यहां पर आपको कई दर्शनीय स्थल ऐतिहासिक स्मारक देखने को मिलेंगी होशंगाबाद के पर्यटन स्थल में पचमढ़ी भी आता है और पचमढ़ी का नाम सबसे पहले लिया जाता है पचमढ़ी एक प्राचीन हिल स्टेशन है |और यहां पर आपको”सेठानी घाट ”नर्मदा नदी पर बना एक प्राचीन घाट है |और इस घाट के पास कई मंदिर हैं| 

 

 

 

 

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