Motivational [ Success ] Story Of Ratan Tata and Biography In Hindi

दोस्तों जब कोई व्यक्ति आपका अपमान करता है तब आप उस व्यक्ति से अपने अपमान का बदला तत्काल ही ले लेते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि महान लोग उस अपमान को अपनी सफलता की सीढ़ी बना लेते हैं और उस अपमान का बदला अपनी सफलता से देते हैं दोस्तों आज हम आपको ऐसे ही व्यक्तित्व और सफल इंसान रतन टाटा की सफलता की कहानी बताने वाले हैं | जिन्होंने अपने अपमान का बदला सफलता हासिल कर दिया|

 

Ratan tata
दोस्तों हम आपको रतन टाटा की Motivational Success Story and Biography दोनों ही बताने वाले हैं उम्मीद करते हैं कि रतन टाटा की सफलता की कहानी से आपको कुछ नया सीखने को मिलेगा और आपको कुछ करने की प्रेरणा मिलेगी|

 

रतन टाटा कौन है

रतन टाटा Tata Sons कंपनी के Former Chairman रह चुके हैं भारत सरकार ने रतन टाटा को दो बार पदम विभूषण द्वारा सम्मानित किया यह सम्मान देश के दूसरे और तीसरे सर्वोच्च नागरिक को दिया जाता है दोस्तों टाटा का बिजनेस 100 देशों में फैला हुआ है और उनकी कंपनी में करीब 6:30 लाख लोग काम करते हैं|

दोस्तों टाटा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह अपने फायदे का 60% चैरिटी में दान करते हैं| टाटा ग्रुप को इस मुकाम पर पहुंचाने में रतन टाटा का बहुत बड़ा योगदान है| चलिए Ratan Tata ki success story से जानते हैं कि उनका कितना योगदान रहा है|

Ratan TATA Biography In Hindi

AB
Name   रतन नवल टाटा
Date Of Birth28 दिसंबर 1937
workFormer Chairman Of Tata Sons
Fatherनवल टाटा
Motherसोनू टाटा
 
 
Ratan Tata जी का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में एक पारसी फैमिली में हुआ रतन टाटा की मां का नाम सोनू टाटा था और पिता का नाम नवल टाटा था| Ratan Tata टाटा ग्रुप के संस्थापक जमशेदजी टाटा के पोते हैं|
 
Ratan Tata ने अपनी शुरुआती पढ़ाई ” कैथेड्रल ऑफ जॉन कैनल स्कूल मुंबई से और बिशप कॉटन स्कूल शिमला से की 1948 में जब रतन 10 साल के थे तब उनके माता-पिता का Divorce हो गया था जिसके कारण रतन टाटा को उनकी Gradmother ने सभाला|
 
Ratan Tata आर्किटेक्ट बनने की इच्छा से वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका के ” कॉर्नर यूनिवर्सिटी ” में Admission ले लिया और रतन टाटा ने अपने दम पर शिक्षा लेने का सोचा इसलिए अमेरिका में रहने का खर्च वह खुद ही उठाया करते थे उन्होंने कई होटल में बर्तन मांजने का काम भी किया|  1950 में उन्हें बैचलर इन आर्किटेक्ट की डिग्री हासिल हुई| 
 

 रतन टाटा ने करियर की शुरुआत की

दोस्तों रतन टाटा ने अपने करियर की शुरुआत बहुत ही साधारण तरीके से की उन्होंने 1961 ईस्वी में टाटा ग्रुप में एक कर्मचारी के तौर पर काम किया उसके बाद रतन टाटा को टाटा ग्रुप का चेयरमैन बना दिया गया और रतन टाटा की देखरेख में ही consultancy service की शुरुआत हुई फिर रतन टाटा ने टाटा चाय, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील जैसी कंपनियों को अपनी मेहनत और सूझबूझ से शिखर पर पहुंचाया|
 

Ratan Tata Dream Project

 

रतन टाटा की देखरेख में टाटा ग्रुप बहुत ही तेजी से आगे बढ़ रहा था टाटा ग्रुप पहले से ही commercial और Vehicle बनाती थी लेकिन आम आदमी का कार का सपना पूरा करने के लिए रतन टाटा ने 30 दिसंबर 1998 को पूरी तरह से इंडिया में बनी हुई लग्जरी कार Indica लांच की रतन टाटा का यह Dream Project था और अपने Dream Project को पूरा करने में Ratan Tata ने दिन-रात बहुत मेहनत की थी|

लेकिन ऑटो एनालिस्ट ने इस कार को पूरी तरह Critisize (आलोचना) किया और जिसका नतीजा Tata Indica की सेल पर हुआ टाटा इंडिका को मार्केट से अच्छा Response नहीं मिला और 1 साल के अंदर-अंदर टाटा इंडिका Flop हो गई जिससे Tata Motors को बहुत नुकसान हुआ उसके बाद रतन टाटा को अपने इस फैसले पर बहुत से लोगों के ताने सुनने पड़े|

 

रतन टाटा ने अपने अपमान का बदला सफलता से दिया

 

उसके बाद कुछ करीबी लोगों और Invester द्वारा रतन टाटा को इंडिका की वजह से हुए नुकसान की पूर्ति के लिए अपना car व्यापार किसी और कंपनी को बेचने का सुझाव दिया क्योंकि कार लॉन्च करने की योजना रतन टाटा की थी और उससे नुकसान हुआ था|


इसलिए रतन टाटा ने यह सुझाव ठीक समझा और साझेदारों के साथ अपनी कार कंपनी बेचने का प्रस्ताव Ford Company के पास ले गए Ford Company के साथ रतन टाटा और उनके साझेदारों की मीटिंग करीब 3 घंटे चली|

Ford company के चेयरमैन Bill Ford का व्यवहार रतन टाटा के लिए रुखा था बातों बातों में Bill Ford ने रतन टाटा से कहा अगर तुम्हें कार बनानी आती नहीं थी तो तुमने इस बिजनेस में इतने पैसे क्यों डाले यह कंपनी खरीद कर हम तुम पर बहुत बड़ा एहसान कर रहे हैं यह बात रतन टाटा को दिल पर लगी वह रातो -रात अपने पार्टनर के साथ मीटिंग छोड़कर वापस चले आए रतन टाटा पूरे रास्ते मीटिंग में हुई उस बात को याद कर रहे थे और अपमानित महसूस कर रहे थे अब उन्हें अपनी सफलता से Bill Ford को जवाब देना था|

 

Success Story Of Ratan Tata

 

उस मीटिंग से वापस आने के बाद Ratan Tata ने अपना पूरा ध्यान Tata Motors पर डाल दिया सालों तक Research कर और अपनी पूरी जान लगा कर Ratan Tata ने Indica का नया वर्जन Launch किया कुछ ही वर्षों में शुरुआती झटके खाने के बाद रतन टाटा का Indica कार बिजनेस अच्छी खासी तरह आगे बढ़ने लगा और रतन टाटा को बहुत ही Benefit हुआ|
 
वहीं दूसरी तरफ Ford company अपने Jaguar और Land Rover की वजह से घाटा झेल रही थी और 2008 के आते-आते Ford company का दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई उस समय रतन टाटा ने Ford company के सामने उनकी लग्जरी कार Jaguar और Land Rover खरीदने का प्रस्ताव रखा|
 
जिसे फोर्ड कंपनी के चेयरमैन Bill Ford ने स्वीकार कर लिया और एक बार फिर फोर्ड कंपनी के चेयरमैन Bill Ford, रतन टाटा और उनके साझेदारों के बीच में उसी तरह से मीटिंग हुई जिस तरह से कभी Ratan Tata Ford कंपनी के मुख्यालय में गए थे रतन टाटा ने Jaguar और Land Rover Model ko 2.3 बिलियन डॉलर में Ford Company से खरीदा|

 

और एक बार फिर Ford Company के चेयरमैन Bill Ford ने रतन टाटा से वही बात कहीं लेकिन इस बार वह थोड़ी Positive थी Bill Ford ने कहा कि आप हमारी कंपनी खरीदकर हम पर बहुत बड़ा एहसान कर रहे हैं| और आज Jaguar और Land Rover टाटा का हिस्सा है और बाजार में बेहतर मुनाफे के साथ आगे बढ़ रहे हैं|

 

 
रतन टाटा चाहते तो अपने अपमान का बदला इस बार Bill Ford से लेसकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया बस यही तो महान लोगों की पहचान होती है कि वह अपने अपमान का बदला सफलता से लेते हैं|
 

 

रतन टाटा ने ₹100000 में मिलने वाली ” टाटा नैनो ” कार लांच की

 

सन 2008 में स्कूटर पर घूमने वाले आम लोगों का कार लेने का सपना पूरा करने के लिए Ratan Tata ने ₹100000 में मिलने वाली टाटा नैनो कार बनाई इस car को अच्छा रिस्पांस मिला लेकिन बाद में इस कार की इमेज खराब हुई और यह कार Flop हो गई |

 

उसके बाद रतन टाटा ने Internet की ताकत जानते हुए बहुत सारे ऑनलाइन पोर्टल में निवेश किया जैसे OLA, Paytm, snapdeal.com, Lenscart, cardekho.com  etc
 

 

Ratan Tata ने इस्तीफा दिया

 
28 दिसंबर 2012 को 75 साल की उम्र में रतन टाटा ने टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया रतन टाटा अपने पूरे जीवन भर कुंवारे रहे हैं उन्हें किताबों और जानवरों से बहुत प्यार है रतन टाटा ने टाटा ग्रुप्स में 21 साल काम किया और इन सालों में Ratan Tata ने टाटा ग्रुप की कमाई को 40 गुना बढ़ा दिया|
 

हमे अपमान का बदला कैसे लेना चाहिए

 
रतन टाटा की कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें कभी भी अपमान का बदला लोगों का अपमान कर नहीं लेना चाहिए बल्कि हमें उस अपमान को सफलता की सीढ़ी बना लेना चाहिए और सफलता हासिल कर अपने हुए अपमान का जवाब उन लोगों को सफलता से देना चाहिए  जिस तरह से रतन टाटा ने Bill Ford को अपनी सफलता से जवाब दिया|
 
उसी तरह अगर कोई आपका अपमान करें तो आप भी सफलता हासिल कर उसे सफलता से जवाब दें ना कि उससे लड़ाई कर उम्मीद करते हैं कि आप भी रतन टाटा के जीवन की कहानी से कुछ नई सीख मिली होगी|
 

Ratan Tata का कहना है कि

 
जिंदगी में उतार-चढ़ाव आना बहुत ही जरूरी है 
क्योंकि  हॉस्पिटल में ईसीजी की  लाइन सीधी होने का मतलब मृत्यु होता है
 

आपके सवालों के जवाब

 
रतन टाटा ने शादी क्यों नहीं की?


रतन टाटा ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें कई बार प्यार हुआ है जब अमेरिका में रहते थे तब उन्हें एक लड़की से प्यार  प्यार हुआ था और दोनों ने शादी का फैसला भी कर लिया था लेकिन उसके बाद माहौल कुछ ऐसा हुआ कि उनकी शादी नहीं हो पाई|


रतन टाटा की उम्र कितनी है?

रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था इस हिसाब से वर्तमान में उनकी उम्र 83 वर्ष है|


रतन टाटा के पिता का नाम क्या है?


रतन टाटा के पिता का नाम नवल टाटा  था?


रतन टाटा की मां का नाम क्या है?


रतन टाटा की मां का नाम सोनू टाटा था?


रतन टाटा का जन्म कब हुआ था?


जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया कि रतन टाटा के 28 दिसंबर 1937 को हुआ था ?


रतन टाटा की पत्नी का नाम क्या है?


जिन लोगों को रतन टाटा के बारे में जानकारी नहीं होती अक्सर उनके सवाल इसी तरह के होते हैं कई लोगों ने पूछा है कि रतन टाटा की पत्नी का नाम क्या है तो हम आपको बता दें कि रतन टाटा ने शादी नहीं की है वह आजीवन को आ रहे हैं|

 

Conclusion

 
आखिर में हम उम्मीद करते हैं कि आपको Motivational Success Story Of Ratan Tata and Biography पसंद आई होगी और आपको उनकी Success Story से कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिला होगा|
 
दोस्तों क्या आपको पता है कि महान लोगों की पहचान क्या है चलिए हम आपको बताते हैं महान लोगों की पहचान है कि वह कभी भी अपने अपमान का बदला तुरंत नहीं लेते हैं वह अपमान को ही अपनी सफलता की सीढ़ी बना लेते हैं और सफलता हासिल कर अपने हुए अपमान का जवाब देते हैं यह महान लोगों की पहचान है जिनमें Ratan Tata शामिल है|
 
अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी में कोई गड़बड़ी लगी हो तो आप हमें कमेंट कर जरूर बताएं ताकि  हमें हमारे आर्टिकल को  सुधारने का एक मौका मिल सके| 
 
Motivational [ Success ] Story Of Ratan Tata and Biography In Hindi सच में बहुत ही प्रेरणादायक है इनके जीवन की कहानी हमें बहुत कुछ सिखाती है दोस्तों इस लेख में बस इतना मिलते हैं एक नई Motivational Success Story के साथ तब तक के लिए बाय बाय.
 
 

 

 

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