Success story In Hindi To Motivate-Inspirational story in Hindi

Success Story In Hindi-Inspirational story 

Success story in Hindi-Inspirational story in Hindi- कहानियां

दोस्तों आज मैं आपको 3 success story (in hindi) बताने वाला हूं जो आपके अंदर उत्साह प्रदान कर देंगी और आपके मन में कुछ करने की भावना जाग उठेगी दोस्तों मैं जो आपको success story in hindi बताने वाला हूं यह सारी स्टोरी किसी ना किसी ने अपने जीवन में लागू की है  तभी तो आज वह सफल बन चुके हैं| 

कहानियां हमेशा हमें कुछ ना कुछ सिखाती है तो आप हमेशा नई-नई कहानियां पढ़ते रहिए और नए-नए अनुभव लेते रहिए कहानियां पढ़ने से हमारे अंदर उत्साह,जोश और कुछ करने की भावना उत्पन्न होती है| 

दोस्तों मैं आपको एक बात कहूंगा कि सफलता की राह पर अकेले ही चलना पड़ता है और सफलता की राह पर चलते हुए एक बात हमेशा याद रखें कि कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती है तो चलिए जान  लेते हैं success story in Hindi.

Success and Inspirational story in Hindi

1. बहरे मेंढक की सफलता की कहानी 

दोस्तों एक राज्य में एक बहुत बड़ा तालाब था और उसमें बहुत सारे मेंढक रहा करते थे और वहां के राजा ने उस तालाब को बनवाते वक्त उसमें एक खंभा लगवाया था जो कि बहुत ही ऊंचा और चिकना था एक दिन तालाब के सभी मेढ़को  ने कहा कि चलो हम एक प्रतियोगिता करते हैं कि जो इस खंभे पर सबसे पहले चढ़ जाएगा वही विजेता होगा | 

अगले दिन उस तालाब मेंमेढ़को की भीड़ लग गई आस-पड़ोस के तालाब के मेंढक भी उस  प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए आए और उसके बाद प्रतियोगिता शुरू हो गई सभी मेंढक एक के बाद एक उस खंभे पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनमें से कोई भी ऊपर नहीं चल पा रहा था| 

क्योंकि आसपास जितने भी मेंढक उस प्रतियोगिता को देख रहे थे वह बस यही कह रहे थे कि यह असंभव है और यह खंबा इतना चिकना है कि इस पर कोई चढ़  नहीं सकता है सभी मेंढक आसपास के लोगों की बात सुनकर बहुत घबरा और डर रहे थे इस कारण से वह बार-बार उस खंभे पर आधा चढ़ते और फिसल  जाते लेकिन उसके बाद एक छोटा मेंढक आया और वह उस खंभे पर एक से दो बार में चढ़  गया और इस प्रतियोगिता का विजेता हुआ उसके बाद सभी मेढ़को ने उस छोटे मेंढक से पूछना चाहा कि तुमने यह असंभव प्रतियोगिता कैसे जीती तो पीछे से एक बूढ़ा मेंढक आया और कहा उससे क्यों पूछते हो मुझसे पूछो क्योंकि वह तो बहरा है| 
सीख :-दोस्तों अक्सर हमारे साथ भी ऐसा ही होता है कि हम हमारे आसपास के लोगों की बातें सुनते रहते हैं और उनकी बातें सुनने के बाद हम हमारी काबिलियत भूल जाते हैं हम भूल जाते हैं कि हम चाहे तो कुछ भी कर सकते हैं लेकिन जब हमारे आसपास के  लोग कहते हैं कि जो काम हम कर रहे हैं वह असंभव है उसके बाद हमारे आसपास इतनी ज्यादा Negativity फैल जाती है  कि हम वो काम को करने की काबिलियत होने के बावजूद हम उसमें असफल हो जाते हैं |

आप लोगों की बात मत सुनिए की लोग क्या कह रहे हैं आप कोशिश करते रहिए क्योंकि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है|


Success story in Hindi

2.चिड़िया की कहानी

एक गांव में एक किसान रहा करता था और उसका एक छोटा सा खेत था उसने अपने  खेत में गेहूं बो दिए थे और जैसे ही गेहूं बड़े हुए वहां पर एक चिड़िया ने घोसला बनाया और घोसले में दो अंडे दे दिए कुछ दिनों बाद उन अंडों में से दो छोटे प्यारे बच्चे निकले उसके बाद गेहूं का खेत पूरी तरह पक चुका था| 

1 दिन किसान आया और अपने आपसे कहने लगा कि अब गेहूं का खेत पक गया है मैं कल अपने दोस्त से कह दूंगा वह गेहूं काट देगा चिड़िया के बच्चों ने यह सारी बातें सुन ली और वह बहुत परेशान हो गए उसके बाद जब उन बच्चों की मां आई तो उन बच्चों ने अपनी मां को बताया कि माँ कल किसान का दोस्त आएगा और इस खेत को काटेगा हमें आज रात यहां से कहीं और जाना होगा | 

लेकिन चिड़िया ने कहा कि हमें कहीं जाने की जरूरत नहीं है किसान का दोस्त नहीं आएगा और अगली सुबह हुआ भी ऐसा ही किसान का वह दोस्त गेहूं काटने नहीं आया उसके बाद जब शाम को किसान आया तो उसने अपने खेत को वैसा ही देखा और किसान बड़बड़ाने लगा इस बार किसान ने कहा कि अब मैं अपने रिश्तेदारों से कह देता हूं वह गेहूं काट देंगे| 

यह बात सुनने के बाद चिड़िया के बच्चे फिर से एक बार डर गए और जब उनकी मां आई तो उन्होंने अपनी मां को बताया कि किसान के रिश्तेदार आएंगे गेहूं का खेत काटने लेकिन चिड़िया ने कहा कि तुम चिंता मत करो किसान के रिश्तेदार नहीं आएंगे और अगली सुबह भी कुछ ऐसा ही है किसान के रिश्तेदार गेहूं का खेत काटने नहीं आए चिड़िया के बच्चे समझ नहीं पा रहे थे कि मां की हर बात सच क्यों हो रही है| 

और जैसे ही शाम हुई किसान एक बार फिर आया और इस बार मैं गुस्से में फिर से बड़बड़ाने लगा और कहने लगा कि अब मैं कल से खुद ही अपने खेत के गेहूं काट लूंगा और यह बात चिड़िया के बच्चों ने सुन ली और उनकी मां आई तो उन्होंने चिड़िया को कहा और इस बार चिड़िया ने कहा कि अब हमें इस जगह को छोड़ देना चाहिए और चिड़िया और चिड़िया के बच्चे रात में उस खेत को छोड़ कर उड़ गए और एक पेड़ पर अपना घर बना लिया और सुबह वह किसान उस खेत को काटने लगा| 

चिड़िया के बच्चों ने चिड़िया से पूछा कि माँ  आपको कैसे पता था कि किसान सुबह गेहूं काटने लगेगा तो चिड़िया ने कहा कि इतने दिनों से यह अपने काम के लिए दूसरों से उम्मीद कर रहा था लेकिन कल इस ने कहा कि यह खुद काटेगा इसलिए हम वहां से दूसरी जगह आ गए|

सिख :- दोस्तों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने काम के लिए दूसरों या अपने रिश्तेदारों से उम्मीद नहीं रखनी चाहिए हां हम उनकी मदद ले सकते हैं लेकिन हमें अपने काम की जिम्मेदारी स्वयं ही लेनी पड़ेगी तभी हम सफल होंगे| 

Inspirational story in Hindi

 3. दो मेंढक की कहानी

दोस्तों बहुत पुरानी बात है एक छोटे से तलाब में एक मेंढक रहा करता था और एक दिन एक समुद्री मेंढक समुद्र से बाहर आकर उस छोटे तालाब के पास आ गया और जब  तालाब के मेंढक ने देखा तो तालाब का मेंढक बाहर आया और उस समुद्री मेंढक से आने लगा कि तुम कहां से आए हो | 

समुद्री मेंढक ने कहा कि मैं एक बहुत बड़े समुद्र से आया हूं यह तुम्हारा तालाब तो बहुत ही छोटा है तो यह बात सुनने के बाद तालाब के मेंढक को गुस्सा आ गया और उसने एक लंबी छलांग भारी तालाब के अंदर और समुद्री मेंढक से कहने लगा कि क्या इतना बड़ा है तुम्हारा समुद्र तो समुद्री  मेंढक कहने लगा कि हमारा समुद्र इससे बहुत बड़ा है | 

उसके बाद तालाब के मेंढक को और ज्यादा गुस्सा आया और उसने एक और बहुत लंबी छलांग लगाई तलाब के एक छोर से दूसरे छोर तक और समुद्री मेंढक से कहने लगा कि क्या इतना बड़ा है तुम्हारा समुद्र तो समुद्री मेंढक ने  कहा कि हमारा समुद्र तो तुम जो ऊपर आसमान देख रहे हो इसकी तरह विशालकाय है तलबी मेंढक ने कभी भी उस छोटे से तलाब से निकलकर बाहर की दुनिया और समुद्र नहीं देखा था |

इसलिए उसे समुद्री मेंढक पर भरोसा नहीं हो रहा था और  talabi मेंढक कहने लगा कि तुम झूठ बोल रहे हो उसके पास समुद्री मेंढक कहने लगा कि तुम मेरे साथ चलो मैं तुम्हें दिखाता हूं उसके बाद ताला ka मेंढक और समुद्री मेंढक दोनों समुद्र के पास पहुंच गए और समुद्र को देखकर ताला  तलावी मेंढक देखता ही रह गया क्योंकि उसने उस छोटे से तालाब के अलावा कुछ नहीं देखा था | 

सीख :- इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें कुछ चीजें पता नहीं होती है और जब कोई हमें बताता है तो हम उस पर विश्वास नहीं करते हैं हमें दूसरों की बातें सुनना चाहिए और अच्छी तरह से समझने के बाद ही  कोई decision लेना चाहिए और हमें अपने जीवन में हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहना चाहिए  मैं दो लाइन कहना चाहता हूं

 कि आप जब तक सीखते रहेंगे तब तक जीते रहेंगे ,
 तो हमेशा अपने जीवन में कुछ न कुछ सीखते रहिये 

दोस्तों जरूरी नहीं है कि हमें सिखाने वाला हमसे बड़ा  हो कई बार हमसे छोटे भी हमें बहुत कुछ सिखा देते हैं अगर आपको जीवन में बहुत ज्यादा सफल होना है तो आप निरंतर कुछ ना कुछ सीखते रहिए|

आज हमने क्या सीखा 


दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको Success story in hindi पढ़ने के बाद कुछ ना कुछ सीख तो जरूर मिली होगी आपके अंदर कुछ करने की भावना जागृत जरूर हुई होगी| 

अक्सर देखा गया है कि जब भी हम कोई कहानी पढ़ते हैं तो हमें उससे कोई ना कोई सीख जरूर मिलती है और हमारे द्वारा लिखी गई कहानी सफलता और समझदारी को लेकर है अगर आपको हमारी कहानी अच्छी लगी हो तो हमें कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बताएं मिलते हैं

 नई प्रेरक,उत्साहपूर्वक कहानियों के साथ | 

Leave a Reply

Your email address will not be published.